सीता की जन्मभूमि पर
मिथिला के संस्कार की बात करते हैं ।
आओ बात करते हैं
हम मिलकर बिहार की बात करते हैं ।
ज्ञान की धरोहर, नालंदा का नाम,
मगध की माटी में छिपा इतिहास तमाम।
अपने गौरवशाली अतीत को
आओ मिलकर फिर से पुनर्जीवित करते हैं।
महावीर की अहिंसा
कुंवर सिंह की वीरता
अशोक की कर्मभूमि
आर्यभट्ट की विद्वता
बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति की बात करते हैं
आओ हम मिलकर बिहार की बात करते हैं।
गांधी के सत्याग्रह
राजेन्द्र प्रसाद की सादगी
कौटिल्य के अर्थशास्त्र
पाणिनि के व्याकरण
नालंदा विश्वविद्यालय की बात करते हैं
आओ हम मिलकर बिहार की बात करते हैं।
गांवों में बसता बिहार है
और भारत के हृदय में बसता गांव है
आओ हम उस बिहारीपन की बात करते हैं
जिसकी खूश्बू में बसी देश की मिट्टी है
हम मिलकर बिहार की बात करते हैं।
आओ बात करते हैं
कर्त्तव्य और अधिकारों की
शिक्षा और स्वच्छता की
गांव और खेत-खलिहान की
बेबस और वंचितों की
पलायन के पीड़ा की
सपनो के संघर्ष की बात करते हैं
आओ मिलकर बिहार की बात करते हैं।
शब्दों की क्रांति,
कर्म की भूमि,
गंगा का आशीष
संस्कृति की धारा,
सजीव प्राचीनता का पोषक
मेरा बिहार, सदा नव रचनाओं में ढलता।
यहाँ की मिट्टी में जज्बा, यहाँ की हवा में प्यार,
मेहनत से सींचा है, हमने अपना बिहार।
आओ मिलकर करते हैं एक नई शुरुआत
आओ मिलकर करते हैं सीतामढ़ी के विकास की बात
आओ मिलकर करते हैं प्रेरित बिहार।
©® प्रियंका प्रियदर्शिनी ✍️
Comments
Post a Comment