समग्र प्रगति पत्रक बच्चों की शैक्षिक एवं सह शैक्षिक विकासात्मक प्रगति का एक दस्तावेज होता है जो विद्यालय आधारित आकलन एवं विश्लेषण के आधार पर तैयार किया जाता है। इस दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया में शिक्षक, छात्र, अभिभावक सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके निर्माण का आधार सिर्फ योगात्मक आकलन ना हो कर निर्माणात्मक आकलन भी होता है क्योंकि यह बच्चों की आकादमिक प्रदर्शन के साथ-साथ जीवन कौशल की क्षमता का भी आकलन करता है। इस प्रगति पत्रक में ‘सीखने के आकलन’ के साथ-साथ ‘सीखने के लिए आकलन’ की प्रक्रिया का भी उल्लेख होता है जो बच्चों के प्रभावी सीखने और प्रगति करने में सहयोग प्रदान करता है।बच्चों का प्रगति पत्रक शिक्षकों के लिए एक मार्गदर्शिका के समान है जिसके आधार पर वह बच्चों के शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक शैक्षिक कार्य योजनाएं बना सकते हैं। इस तरह से हम कह सकते हैं कि समग्र प्रगति कार्ड एक 360 डिग्री, प्रगति की बहुआयामी रिपोर्ट है, जो संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक-भावनात्मक और साइकोमोटर डोमेन में प्रत्येक बच्चे की प्रगति के साथ-साथ उसकी विशिष्टता को भी विस्तार से दर्शात...
WE,THE PEOPLE OF INDIA,having solemnly resolved to constitute India into a SOVEREIGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC and to secure to all its citizens:JUSTICE,social,economic and political;LIBERTY of thought,expression,belief,faith and worship; EQUALITY of status and of opportunity; and to promote among them all FRATERNITY assuring the dignity of the individual and the unity and integrity of the Nation;