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मिट्टी या रेत पर लेखन

बच्चों में लिखने की शुरुआत अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण स्थिति होती हैं। कुछ बच्चे जिन्हें ड्राइंग/पेंटिंग करना पसंद होता है उनके लिए लिखना एक सरल क्रिया साबित होती है। परंतु कुछ बच्चों के लिए लिखने की प्रक्रिया से गुजरना एक कठिन पड़ाव होता है। ऐसा ही कुछ कक्षा-कक्ष में शिक्षण कार्य के दौरान मैंने अनुभव किया कि कुछ बच्चों को लिखने में बहुत कठिनाई महसूस हो रही है। काॅपी पर उनकी पेंसिल अपनी जगह पर अटक कर रह जा रही है। कितनी ही कोशिशों के बावजूद बच्चों की कलम/पेंसिल आगे नही बढ़ पा रही। 
ऐसे में मैंने अपने परिवेश में उपलब्ध संसाधनों की ओर नजर दौड़ाई और मुझे एक विकल्प के रूप में बालू और बांस के दातून मिले। विद्यालय में उपलब्ध भोजन की पांच थालियों में बालू रखा और बच्चों से पहले बालू में उंगलियां चलवाई और फिर बांस के दातून को कलम की तरह लिखने का अभ्यास करवाया जिसका काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। 
 बच्चों के लिए बालू पर लिखना बिल्कुल नवीन अनुभव था। चूंकि मैं अपने विद्यालय के बच्चो को खेल के मैदान में फ्री ड्राइंग कई वर्ष पूर्व से ही करवाती आयी हूं। पर भीषण गर्मी के कारण इस वर्ष मैंने बच्चों को फ्री ड्राइंग का अनुभव ना के बराबर दिया था। ऐसे में थाली में बालू रख कर उंगलियां चलाना काफी मददगार प्रक्रिया लगी। 
वैसे पहली कक्षा की हिंदी की कार्यपुस्तिका में शिक्षकों के लिए दिए गए दिशा-निर्देश में मिट्टी या रेत पर लिखवाने की गतिविधि करवाने की चर्चा की गई है। सामान्यतः हम पाठ्य-पुस्तक के उपयोग से पूर्व शिक्षकों के लिए दिए गए दिशा-निर्देश को पढ़ने में रुचि नहीं लेते या अनजाने में ही अनदेखा कर देते हैं। पर हमें इन दिशा-निर्देशों से बहुत सी समस्याओं का सहज हल प्राप्त हो सकता है। उदाहरणस्वरुप- मिट्टी या रेत पर लिखने की गतिविधि जो कि बच्चों के लिखने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मददगार साबित होती है।
इसलिए शिक्षकों के साथ -साथ मेरा अभिभावकों से भी अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को मिट्टी पर या रेत पर उंगली या किसी भी लकड़ी के टुकड़े से लिखवाने का अभ्यास जरुर करवाएं ताकि बच्चों को आगे चलकर आसानी हो। साथ ही शिक्षक पाठ्य-पुस्तक के उपयोग से पूर्व पुस्तक में शिक्षकों के लिए दिए गए दिशा-निर्देश को भी जरुर पढ़े और उसका लाभ अपने शिक्षण कार्य में लें।

धन्यवाद।
प्रियंका कुमारी 
मध्य विद्यालय मलहाटोल, परिहार 
जिला - सीतामढ़ी, बिहार 
संपर्क - pkjha2209@gmail.com




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