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न्यूज़ चैनल वाले (लघु कथा)

Author - priyanka kumari
                                                न्यूज़ चैनल वाले (लघु कथा) 
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.... .........ये न्यूज़ चैनल वाले भी पागल कर के ही छोड़ेंगे, दिनभर एक ही रट लगाये रखते हैं,
कोरोना.. कोरोना..... हाथ धोओ...दुरी बना कर रखो..बाहर मत जाओ...ये नहीं करो, तो वो नहीं करो.... भाई एक ही बात कितनी बार समझाएगें. लोग इतने भी बेवकूफ नही है, सब समझ गये हैं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है.... हुंह..... टीवी वाले कमरे से भनभनाते हुए बुढ़ी अम्मा निकली..... 
आज पता नहीं क्यों अम्मा बहुत गुस्से में थी. शायद लाकडाउन में कमरे में रहते हुए उनका मन भी उब गया था.और मन उबता भी कैसे नहीं,सब तो अपने मोबाइल और लैपटॉप में उलझे हुए हैं और एक अलग ही डिजिटल दुनिया में जी रहे हैं.पर अम्मा तो ना अपनी सत्संग मंडली से मिल पा रही और ना ही टहलने के लिए निकल पा रही.
..... चलो आज नीचे ले जाकर कैम्पस में ही अम्मा को घुमा लाती हूँ, शायद मन बहल जाए उनका. 
अभी निकलने को हुए ही थे कि रोहन अपने डेंटिस्ट दोस्त डाक्टर आकाश के साथ आ पहुंचा. अम्मा आकाश को देख कर बड़ी खुश होते हुए बोली, बड़े दिनों बाद गाँव आये बेटा... 
आकाश मुस्कुरा कर अम्मा के पैर छूने के लिए आगे बढा, पर अम्मा जल्दी से पीछे हट गयी और बोली... अरे...अरे...ये क्या कर रहे हो बेटा... 
हाथ जोड़कर कर ही प्रणाम करो, पैर मत छूओ....
टीवी नहीं देखते हो क्या, आजकल कितना नियम बताया जा रहा है....... 
पर अम्मा मै तो रोहन के साथ ही आया हूँ फिर मुझसे कैसी दिक्कत.... इतना कहकर आकाश हंसने लगा.
पर अम्मा तो भड़क गयी और लगी बोलने.... ये न्यूज़ चैनल वाले पागल नहीं है, पागल तो लोग है जो इतना समझाने के बाद भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं और तूझे डाक्टर किसने बना दिया... जब तेरे जैसा पढा - लिखा इंसान ऐसी हरकत करता है तो बाकी सब से क्या उम्मीद रखी जाए.... अच्छा करते हैं ये न्यूज़ चैनल वाले जो दिनभर चिल्लाते रहते हैं, ये मत करो, वो मत करो...... भनभनाते हुए अम्मा फिर से अपने कमरे में चली गयी!!!

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